Wednesday, 30 August 2017

भारत-चीन के डोकलाम सीमा विवाद की सुलह मे भारत सरकार के साथ-साथ राहुल गांधी की भी अहम भूमिका

नमस्कार दोस्तो, आप सबके बीच हाजिर हूं नये लेख के साथ, आज का लेख भारत-चीन सीमा विवाद मे सुलह पर कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की अहम भूमिका को लेकर है।

आप सबको मालूम ही है कि राहुल गांधी ने चीन के राजनयिकों को अपने निवास स्थान पर आमंत्रित किया था और उस मुलाकात पर बडा हो-हल्ला भी मचा था लेकिन उस मचे हो-हल्ले के बाद भारत-चीन के डोकलाम सीमा विवाद पर अब सुलह बनकर उसका हल निकला है।


राहुल गांधी ने चीन के राजनयिकों के साथ बातचीत कर चीन का पक्ष सुना था और साथ मे चीन के कमजोर पक्ष को समझा था और राहुल गांधी ने चीन के राजनयिकों के साथ बातचीत करते दौरान भारत के पक्ष को मजबूती से रखते हुये चीन के राजनयिकों को भारत के मजबूत पक्ष को समझाया था। गुप्त सूत्रो से पता चला है कि भारत-चीन सीमा विवाद को बढावा दे रहा डोकलाम सीमा विवाद को सुलझाने की राय राहुल गांधी ने चीन के राजनयिकों के माध्यम से चीन की सरकार को दी थी और दोनों देशों के बीच सुलह के लिये राहुल गांधी ने भारत के हितों को सर्वोपरि रखते हुये एक रोडमैप तैयार कर चीन की सरकार को सौंपा था जिसके तहत चीन की सरकार की भी किरकिरी ना हुई और भारत भी खुद को विश्व के सामने एक मजबूत देश बनकर खडा हुआ और इस सुलह के लिये सुझाये गये रोडमैप के जरिये युद्ध की तरफ बढ रहे भारत-चीन के तल्ख रिश्तों मे नर्मी आई और दोनों देश कुछ हद तक एक-दूसरे के संबंधो को बेहतरी की ओर ले जाने को प्रेरित हुये।


लेकिन भारत-चीन सीमा विवाद की सुलह मे हम भारत सरकार द्वारा किये गये प्रयासों को भी नही नकार सकते। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद मे भारत के पक्ष को बेहतरी से पेश किया और भारत-चीन सीमा विवाद को शांति के संग सुलझाने का संकल्प लिया था और वो पूरा भी हुआ। भारत सरकार की कूटनीतिक चाल से भी चीन ने नर्मी दिखाते हुये सुलह के लिये हाथ बढाया और राहुल गांधी के द्वारा राजनयिकों को शांतिपूर्ण सीमा विवाद सुलझाने के लिये भारत हित को सर्वोपरि रखते हुये समझाये गये रोडमैप के तहत एक तल्ख सीमा विवाद को नर्म निपटारे की तरफ ले जाया गया।


हालांकि आप सबको ये भी मालूम होगा कि जब कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी चीनी राजनयिकों से जब मिले थे तो उनकी मुलाकात को देशविरोधी बताकर गुप्त तरीके से की गई मुलाकात बताया गया लेकिन कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट से उस मुलाकात की जानकारी सारे देश के सामने रखी गई थी।



इससे साबित भी होता है कि चाहे सत्ता मे कोई भी हो देश हित को सर्वप्रथम रखते हुये देशहित के लिये राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को दरकिनार करते हुये एक सुझाव सुझाया जा सकता है जो देशहित के लिये आगे चलकर एक ठोस नींव का काम करे।


सोशल-मीडिया पर भारत-चीन सीमा विवाद मे हुई सुलह मे राहुल गांधी के भी अहम योगदान को उजागर करते लिंक मिल जायेंगे।


आज के लेख मे बस इतना ही, फिर मिलेंगे नये लेख के साथ, नये उभरते मुद्दों के साथ, किसी के हक की आवाज बन, किसी के लिये न्याय की आश बन।

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