Wednesday, 14 June 2017

सीजफायर उल्लंघन व सैनिको की शहादत के बीच नरेंद्रमोदी-नवाजशरीफ की मुलाकात पर कटाक्ष (एक कविता के रूप में)

मिलकर आज शरीफ से मोदी भावुक हो जायेंगे, सत्ता की मजबूरी है भाई शायद ही अब दुबारा मिल पायेंगे, सैनिकों की शहादत पर जाकर दिल्ली बोलना है, लताड लगाई शरीफ को आंखे लाल कर सामने आ कैमरे के बोलना है।

गुस्सा मत होना भाई मैंने कर डिनर संग तेरे अपनी भाई-गिरी निभाई, मालूम तुझको भी दौर सत्ता का है क्या-क्या होती है मजबूरी दिखावटी दिखानी पडे यहां सब ये झौल सत्ता का है। सीज-फायर के उल्लंघन के बीच भी मिल रहा हूं क्यूंकि बनाकर बहाना कि शरीफ के आगे तिलमिलाया था आंख कर लाल उसको डेला आंख का दिखलाया था, अब समझ जायेगा शरीफ नही तो बदमाशी पर मोदी आयेगा, आज डिनल ही किया संग शरीफ के फिर ब्रेकफास्ट पर भी लाल-आंख दिखलायेगा।IMG_20170608_235710
सुन भाई! लगा मालूम मुझको कि अगले बरस चुनाव तेरा भी होना है, सीमा पर जो सीजफायर का उल्लंघन का कहीं ये उसी चुनाव की ही तो नही कोई रौला है।

19 मे चुनाव मेरे इधर भी होना है, खूब पाऊंगा मैं रौला, पाकिस्तान को लाल-आंख दिखाने का भी चर्चा मंच से होना है, संघ मेरा कहता रहा हम हैं भाई-भाई, समझ लेना बात चुनावी दौर की हकीकत मे नहीं इक-दूजे से गुस्सा होना है।

गर सत्ता पलट गई 19 मे तो जिम्मेदारी मेरी नही कि संग तेरे क्या होना है, क्यूंकि प्रीत तेरी-मेरी निभानी है सत्ता तो आनी-जानी है, कांग्रेस को कोसते-कोसते अपनी तो जिन्दगी बीत जानी है, तेरा पता नही भाई तेरी क्या कहानी है।

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