Wednesday, 18 October 2017

बदलता राहुल गांधी, बदलती लहरे-आंधी

नमस्कार दोस्तों, आज नये लेख के साथ आप सब के बीच लौटा हूँ। आज का लेख अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बदलते रूख को लेकर हैं, आज का लेख ट्वीटर पर उनके बदले रूप को आप सबके सामने लायेगा।



राहुल गांधी जी के बदले रूप ने विरोधियों को भी आश्चर्यचकित कर दिया। राहुल गांधी के बदले रूप की शुरुआत अमेरिका से शुरू होती है जहां वो विरोधियों को तो घेरे मे लेते ही हैं साथ मे वो खुद की पार्टी की कमियों को भी पूरे विश्व के सामने रखते हैं। राहुल गांधी के बदले रूप का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि किस तरां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बहकने लगे हैं और कहने लगे हैं कि जवाहर लाल नेहरू भी बीजेपी से डरा करते थे जबकि वो भूल चुके हैं कि जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु 1964 मे हुई और बीजेपी का उदय 1980 मे। ये भुलाहट ही इशारा करती है कि राहुलोदय हो चुका है। लहर ढल चुकी है राहुलआंधी आ चुकी है।


राहुल गांधी के आधिकारिक दफ्तरी अकाउंट से ट्वीट आता है कि नरेंद्र मोदी जी आपकी गुजरात मे 22साल से सरकार है और आप अब भी ये कहते हो कि 2022 तक गरीबी मिटा देंगे?
सवाल जायज बनता है जो 22साल से सत्ता मे हो वो अभी भी वक्त मांग रहा कि 2022 तक गरीबी मिटा दूंगा? तो फिर जनाब 22साल क्या सिर्फ खो-खो खेली सत्ता मे रहते हुये?

कुछ दिन पहले यानि 11अक्टूबर को ही उनके दफ्तरी अकाउंट से फिर एक ट्वीट हुआ।
ट्वीट की पंक्तियां यूं थी "मैं अब आपको उनकी अगली लाइन बताता हूँ, 2025 तक मोदीजी गुजरात के हर व्यक्ति को चाँद पर जाने के लिए Rocket देंगे"

ये प्रहार पहले से भी ज्यादा करारा था। इस प्रहार को मंदबुद्धिभक्त झेल नही पाये और अपनी ट्रोल आर्मी से अपने संस्कारों अनुसार अभद्र विचारों के संग भारतीय संस्कृति का चीरहनन करने उतर गये।
ट्रोल आर्मी की बर्नोल की मांग दर्शाती है कि "ये आरजी अब घाव गंभीर कर रहा है"

अब चलते हैं अगले ट्वीट के विश्लेषण पर, अगले ट्वीट की पंक्तियां "2028 में मोदीजी गुजरात के हर व्यक्ति को चाँद पर एक घर देंगे और 2030 में मोदीजी चाँद को   धरती पर ले आएंगे"

इन पंक्तियों मे नरेंद्र मोदी जी की जुमलों वाली आदत या यूं कहें कि गप्पें फेंकने वाली आदत पर कडा प्रहार करते हुये कहा कि वो चांद को ही धरती पर ले आयेंगे। इस ट्वीट के जरिये पूरे देश को ये बताने की समझाने की कोशिश की है कि सिर्फ गप्पें फेंकने से विकास नही होता काम करना पडता है असंभव चीजों को संभव बनाया जा सकता लेकिन बिना सोचे-समझे फेंकी हुई चीजों को संभव नही बनाया जा सकता।



मंदबुद्धिभक्त या यूं कहें फोटोशॉपियों को एक ऐसा घाव देने के लिये आरजी के दफ्तरी अकाउंट से अमेरिकी राष्ट्रपति के ट्वीट की फोटो शेयर करता एक ट्वीट और  आ जाता है जिसमें फोटोशॉपियो के अनुसार मोदी जी के लंगोटिये यार यानि परम मित्र डोनाल्ड ट्रंप जी कह रहे हैं कि पाकिस्तान और उनके संग घनिष्ठ मित्रतापूर्ण रिश्ते पनपने लगे हैं, मैं उनके इस सहयोग के लिये अन्य मंचों पर भी शुक्रिया अदा करता रहूंगा।

नरेन्द्र मोदी जी के परम मित्र डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट की फोटो को ट्वीट करते हुये राहुल गांधी चुटीले अंदाज मे नरेंद्र मोदी जी को सलाह देते हुये कहते हैं कि नरेन्द्र मोदी जी जल्दी कीजिये आपके परम मित्र डोनाल्ड ट्रंप को एक और झप्पी की जरूरत है।


चाहे कुछ भी हो राहुल गांधी के इस बदले अंदाज से बीजेपी ही नही खुद नरेंद्र मोदी भी चिन्ता मे हैं कि ये वो ही राहुल है जिस पर कभी हम तंज कसा करते थे और आज ये राहुल तंज कस रहा है सिर्फ तंज ही नही उस तंज का अर्थ अर्थहीन मजाकिया नही ब्लकि देशहित मे है जो वादों की बौछार 2014 मे की थी उस बौछार को भी याद दिलाते हुये कूटनीतिक संबधों को उठा रहा है, गरीब को दिखाये जा रहे खोखले सपनों को उठा रहा है, देश के युवाओं के साथ हुये धोखे उठा रहा है।

"बदला बदला सा है ये राहुल, गरीब के करीब-करीब सा है ये राहुल, युवाओं की आवाज बन उभर रहा है ये राहुल, हर भारतवासी के दिल मे उतर रहा है ये राहुल,  जाकर कहदो विरोधियों से राहुलोदय हो चुका है, हर समस्या का हल अब हो गया राहुल, हर भारतवासी की जरूरत बन गया है राहुल"

बस इन्हीं पंक्तियों संग लेख को यहीं समेट रहा हूं दोस्तों।

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