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Monday, 13 November 2017

नरेन्द्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत को चुटीले रूप मे बयां करता (मजाकिया लहजे का लेख)

आज मोदीमीडिया मे चल रहा है कि नरेन्द्र मोदी जी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच काफी खुशनुमा मुलाकात हुई। हालांकि ये मुलाकात जादू की झप्पी की तरां हंसते-खिलाते चेहरों की तरां एक-दूसरे की तरफ हंसमुख लहजे मे देखते हुये हुई।


हालांकि अभी द्विपक्षीय वार्ता अभी होनी है। हम नरेन्द्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत को मजाकिया लहजे व कटाक्षीय लहजे मे प्रस्तुत कर रहे हैं। हम जो बातचीत को प्रस्तुत कर रहे हैं वो काल्पनिक है वो एक राजनीतिक कटाक्ष के रूप मे हैं आप बातचीत के मजाकिया लहजे का आनंद लीजिये।

नरेंद्र मोदी: और मेरे लंगोटिया यार क्या हाल हैं।

डोनाल्ड ट्रंप: बहुत खूब मेरे बचपन के मित्र मोदी, वो क्या हुआ कल सुनने में आया कि तुम्हारी पार्टी राम की नगरी चित्रकूट मे कूट दी गई।

नरेंद्र मोदी: हां भाई, सही सुना है, बहुत समझाया था शिवराज को की फेंकने में मेरी नकल ना किया कर, पर मानी नही और हाले-अंदाज देखिये उसने अमेरिका मे फेंकी और जनता ने इधर हमको फेंक दिया।

डोनाल्ड ट्रंप: क्या मतलब तुम्हारा? वो हमारे देश मे फेंक कर आया था😂 कमाल है यार आज मैं तो बडा उत्सुक था मोदी को बोलूंगा की मेरे को मध्यप्रदेश घुमाओ, अमेरिका की सडकों से भी बेहतर सडकें दिखाओं, चित्रकूट की जनता ने सिर्फ तुम लोगों को ही नही कूटा मेरे सपने को भी कूट दिया।

नरेंद्र मोदी: चल छोड उन दर्दों को, कुछ नया सुनाऊं, क्या मैं भी अमेरिका आऊं, एक अरसा बीत गया हो मुलाकात को जैसे।

डोनाल्ड ट्रंप: हां यार, आ जाओ पर मैं तुमको 3 दिन बाद मिलूंगा, इतने दिन तुम कोई और महफिल सजा लेना, भारत का डंका बजा लेना।

नरेंद्र मोदी: हां यार, तुम तो कभी वक्त से मिलते नही हो, मनमोहन सिंह को तो रिसीव करने ओबामा भी खुद जाते थे, मुझे लेने कोई आता नही।

डोनाल्ड ट्रंप: क्या बतायें यार, हमारे देश का असूल है जिससे कुछ सीखने के लिये मिले उसका स्वागत करो, जो खुद सीखने के दौर मे हो वो हमे क्या सिखायेगा, यूं ही हमारा दिमाग पकायेगा, जो कुछ सीखा हुआ है वो भी भुलायेगा।

नरेंद्र मोदी: हां भाई, हर जगह बेईज्जत हम होते जा रहे हैं, सोचा था गुजरात के गम को अमेरिका मे भुलाऊंगा, चलो कोई बात नही जितना मर्जी करलो बेईज्जत मे फिर भी अमेरिका आऊंगा।

डोनाल्ड ट्रंप: हां ह़ा, जरूर आना गम भुलाना, मगर वतन अपने जल्दी लौट जाना, सुनने मे आया है भारत वाले कहते हैं हमने प्रधानमंत्री ही फ्लाइट मोड वाला बनाया है, जल्दी लौट कर हमे बेईज्जत होने से बचाना।

नरेंद्र मोदी: चलो ट्रंप भाई बात कुछ और मुद्दों पर करलें।

डोनाल्ड ट्रंप: नही भाई, चलो अब हम अलविदा करलें।


दोस्तों, आज कुछ अलग लेख लिखने की सोची थी और लिख दिया,  हमारे लेख का मकसद हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और अमेरिकी राष्ट्रपति की दोस्ती को यूं मजाकिया लहजे मे बयां करना था क्योंकि जब दो दोस्त मिलते हैं कुछ यूं बात होती है, दुख-दर्द बांटे जाते हैं तभी तो आगे सुखमयी रात होती है।